किडनी फेल्योर परिवार को भी करता है प्रभावित

इस समय हर इन्सान किसी न किसी शारीरिक समस्या से जूझ रहा है, अब वो चाहे छोटी हो या बड़ी। एक बार किसी व्यक्ति को हल्का सा भी बुखार हो जाए तो उसका स्वास्थ्य एक दम हिल जाता है, वहीं अगर किसी व्यक्ति की किडनी खराब हो जाए तो सोचो क्या होगा। जब किसी व्यक्ति की किडनी खराब हो जाती है तो उसे तो कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसमे आर्थिक, मानसिक और शारीरिक समस्याएँ शामिल है। इसके अलावा उसके परिवार में भी एक दम निराशा की लहर दौड़ जाती है। दो साल पहले मैं भी इसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहा था, जिसकी वजह से मैं समझ सकता हूँ कि किडनी खराब होने का क्या अर्थ है और परिवार पर इसका असर पड़ता है।

नमस्कार, मेरा नाम धनराज भारद्वाज है और मैं उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला हूँ। मैं बीते कई सालों से शुगर की समस्या से जूझ रहा था, जिसकी वजह से दो साल पहले मेरी किडनी खराब हो गई थी। जब मुझे सी बारे में जानकारी मिली थी कि मेरी किडनी शुगर की वजह से खराब हुई है तो मुझे इस बात पर यकीन ही नहीं हुआ था, क्योंकि मैं शुगर को कण्ट्रोल करने के लिए हमेशा समय पर दवाएं लेता था और डाइट का भी खास ख्याल रखता था। पर फिर भी इसकी वजह से मेरी किडनी खराब हो गई। मैं किडनी खराब होने के कई साल पहले से ही शुगर की समस्या से जूझ रहा था, दरअसल ये समस्या मुझे मेरे परिवार से मिली थी। जब मुझे शुगर हुआ तो मैंने इसे शुरू से ही कण्ट्रोल करने के लिए अपनी डाइट में बदलाव करने शुरू कर दिए, जिससे मुझे काफी आराम मिलने लग गया। लेकिन समय के साथ मैं अपनी डाइट को लेकर काफी लापरवाह होता जा रहा था, जिसकी वजह से मेरा शुगर लेवल बढ़ने लग गया और मुझे इसे कण्ट्रोल करने के लिए दवाएं लेनी शरू करनी पड़ी।

दवाओं से मुझे शुगर में काफी आराम मिलने लगा, जिसकी वजह से मैं इस ओर और ज्यादा लापरवाह हो गया जिसके कारण मुझे दवाओं के साथ-साथ इन्सुलिन के इंजेक्शन भी शुरू करने पड़े। दवाएं, डाइट और इन्सुलिन के इंजेक्शन लेने से मेराशुगर लेवल बहुत काबू में आने लग गया था, लेकिन बढती उम्र के साथ मुझे शुगर से जुड़ी कई परेशानियाँ रहने लग गई थी, जैसे – पेशाब कम आना और सूजन का आ जाना पर मैं इनका आदि हो चूका था। मेरी जिंदगी सही से चल रही थी कि एक बार मेरी तबियत ज्यादा खराब रहने लग गई। मुझे पेशाब पहले कम तो आता था लेकिन अब मुझे पेशाब करते हुए जलन होने लगी थी, पेशाब से बदबू आने लग गई और पेशाब का रंग भी बदल चूका था। इसके अलावा पैरों में सूजन भी पहले से ज्यादा बढ़ने लग गई थी और ब्लड प्रेशर भी बढ़ने लगा था जो कि पहली बार हुआ था। दिन में कई बार उल्टियाँ आने लग गई, भूख भी लगना बंद हो चुकी थी जिसकी वजह से मैं कमजोर तो हो रहा था लेकिन साथ में शुगर लेवल भी काफी हाई होता जा रहा था।

डॉक्टर से इस बारे में बात कि तो उन्होंने मुझे कई टेस्ट करवाने के लिए कहा। मैंने उसी दिन सभी टेस्ट करवाए और रिपोर्ट्स आते ही उन्हें डॉक्टर को दिखाया, जिन्हें देखते ही डॉक्टर ने मुझे बताया कि शुगर की वजह से मेरी किडनी खराब हो चुकी है इसी कारण मुझे ये सभी समस्याएँ हो रही है। डॉक्टर ने मुझसे आगे कहा कि अब मुझे ठीक होने के लिए डायलिसिस करवाना होगा मैं उसी से ही ठीक हो सकता हूँ। मैंने डॉक्टर की बात मानते हुए डायलिसिस करवाना शुरू कर दिया, जिससे मुझे शुरुआत में आराम तो मिला लेकिन बाद में बस समस्या ही मिली। मैंने करीब 6 महीने तक डायलिसिस करवाया, जिसमे मेरा लाखों रुपया लग चूका था पर फायदा कुछ नहीं मिला। डॉक्टर मुझे कह चुके थे कि मेरे बचने की कोई उम्मीद नहीं है, ये बात सुनकर पुरे परिवार में सब बहुत दुखी थे। इसी बीच मेरी भाभी को कहीं से आरुर्वेदिक उपचार के बारे में पता चला, जिसके बारे में उन्होंने मुझे बताया।

Ayurvedic treatment for reducing high creatinine level

मेरी भाभी ने मुझसे कहा कि दिल्ली में कर्मा आयुर्वेदा हॉस्पिटल है जहाँ आयुर्वेदिक दवाओं से ही बिना डायलिसिस किये किडनी को ठीक किया जाता है, मुझे के बार यहाँ जा कर देखना चाहिए। मैंने अपनी भाभी की बात मानी और मैं कर्मा आयुर्वेदा चला गया, जहाँ मेरी मुलाकात डॉ. पुनीत धवन से हुई, मैंने उनको अपनी सभी रिपोर्ट्स दिखाई और उन्हें अपने बारे में जानकारी भी दी। मेरी रिपोर्ट्स देखने के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे डरने की कोई जरूरत नहीं बस समय से दवाएं लेनी होगी और डाइट प्लान फॉलो करना होगा मैं इसी से ठीक हो जाऊंगा। मैंने घर आते ही डॉ. पुनीत धवन के कहे अनुसार दवाएं लेनी शुरू कर दी और उनका दिया डाइट प्लान भी फॉलो करना शुरू कर दिया, इससे मुझे हफ्ते भर में ही आराम नज़र आने लग गये। मुझे सभी महीने भर में सभी समस्याओं से छुटकारा मिलने लगा, शुगर लेवल भी कण्ट्रोल में आने लगा और देखते ही देखते कुछ ही महीनों में मेरी किडनी एक दम ठीक हो गई।

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